वो कांपते हुए हाथ और सीने की भयानक घबराहट
आपने मन पक्का कर लिया है। फैसला हो चुका है कि अब उस बोतल को हाथ नहीं लगाना है।
पर अब असली जंग शुरू होती है। आपका शरीर टूट रहा है। हाथ ऐसे कांप रहे हैं जैसे उन पर आपका कोई कंट्रोल ही न हो।
पसीना रुकने का नाम नहीं ले रहा और सीने में एक अजीब सी बेचैनी है। ऐसा लग रहा है जैसे अंदर ही अंदर दम घुट जाएगा।
ये कोई मनगढ़ंत कहानी नहीं है। ये शराब छोड़ने के तुरंत बाद का वो डरावना सच है, जिससे हर पीने वाले को एक न एक दिन गुजरना ही पड़ता है।
पहले 24 घंटे का नर्क: जब शरीर चीखकर नशा मांगता है
आपके दिमाग को सालों से एक खास तरह के जहर की आदत पड़ चुकी थी। अब अचानक उसे वो जहर मिलना बंद हो गया है।
आपका शरीर पूरी तरह से बगावत कर देता है। वो चीख-चीख कर अपनी वही पुरानी डोज़ मांगता है।
आपको ऐसा लगेगा कि बस एक छोटा सा घूंट मिल जाए तो जान बच जाएगी। दिमाग बार-बार आपको उसी ठेके या दोस्त की तरफ धकेलेगा।
पर आपको यहीं रुकना है मेरे भाई। ये आपकी कोई कमजोरी नहीं है। ये बस वो जहर है जो आपके शरीर से बाहर निकलते वक्त आपको तड़पा रहा है।
विड्रॉल (Withdrawal) के वो लक्षण जो आपको डरा देते हैं
अचानक से बहुत तेज गुस्सा आना। छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन। ऐसा लगता है जैसे आपके आस-पास मौजूद हर इंसान आपका दुश्मन है।
कई बार तो ऐसा महसूस होता है कि शायद हार्ट अटैक आ जाएगा। दिल की धड़कन इतनी तेज हो जाती है कि आपको बाहर तक सुनाई दे।
ये सब विड्रॉल सिंड्रोम के लक्षण हैं। आपका नर्वस सिस्टम, जो सालों से शराब के नशे में सुन्न पड़ा हुआ था, वो अचानक से झटके से जाग गया है।
उसे बिना नशे के काम करना अभी याद नहीं है। इसलिए वो ओवररिएक्ट कर रहा है। बस यही बात खुद को बार-बार याद दिलानी है।
72 घंटे की खौफनाक जंग और उड़ी हुई नींद
शुरुआत के तीन दिन सबसे भारी और मुश्किल होते हैं। आपकी रातों की नींद पूरी तरह से गायब हो जाती है।
आंख बंद करते ही अजीब और डरावने ख्याल आते हैं। आपका बिस्तर ठंडे पसीने से भीग जाता है।
आप रात भर करवटें बदलते रहते हैं और सोचते हैं कि क्या ये दर्द कभी खत्म भी होगा?
हाँ, ये बिल्कुल खत्म होगा। ये 72 घंटे आपके शरीर की एक बहुत बड़ी सफाई का काम है। आपका लिवर उस कचरे को बाहर फेंकने के लिए दिन-रात काम कर रहा है।
इस दर्द के पीछे छिपा है एक बिल्कुल नया इंसान
इस दर्द और बेचैनी से भागकर वापस बोतल पकड़ लेना दुनिया का सबसे आसान काम है। और 90% लोग यही गलती करते हैं।
पर जो इंसान इस दर्द को बिना झुके सह जाता है, वो एक नया इंसान बनकर ही बाहर आता है। ये दर्द आपके एक अच्छे और सुकून भरे कल की फीस है।
हर टूटता हुआ शरीर का हिस्सा, हर कांपता हुआ हाथ आपको चीख कर बता रहा है कि गंदगी बाहर जा रही है और हीलिंग शुरू हो चुकी है।
आपको बस इस वक्त डटे रहना है। एक-एक घंटा करके इस नर्क को पार करना है। आप अकेले नहीं हैं, ये लड़ाई जीती जा सकती है।
एक हफ्ते बाद का जादू: जब आंखों से धुंध छंटने लगती है
पहले 72 घंटे का नर्क काटने के बाद शरीर में असली जादू शुरू होता है। सबसे पहला बदलाव आपकी नींद में आता है।
सुबह उठने पर वो सिर भारी होना और उल्टी जैसा मन पूरी तरह गायब हो जाता है। आप खुद को बहुत हल्का और फ्रेश महसूस करते हैं।
शीशे में ध्यान से देखिए। आपके चेहरे की वो पुरानी सूजन और लालिमा कम होने लगी है। आंखों के नीचे का कालापन भी घटने लगा है। आपका शरीर अंदर से खुद को रिपेयर कर रहा है।
डोपामाइन का रीसेट: असली खुशी का वापस आना
शराब ने आपके दिमाग को पूरी तरह हाईजैक कर लिया था। बिना पिए आपको किसी भी चीज में मजा ही नहीं आता था।
पर एक महीने बाद आपका दिमाग अपना नेचुरल डोपामाइन फिर से बनाना शुरू कर देता है। अब आपको जिंदगी की छोटी-छोटी बातों में सुकून मिलने लगता है।
परिवार के साथ बैठकर बात करना या खुली हवा में टहलना। जो चीजें पहले बहुत बोरिंग लगती थीं, अब वो अंदर से खुशी देती हैं। आपका नर्वस सिस्टम एकदम शांत हो जाता है और बेवजह का गुस्सा खत्म हो जाता है।
| समय (Time) | शरीर में असली बदलाव (Body Changes) |
|---|---|
| 1 से 2 हफ़्ते | नींद गहरी होती है, शरीर में पानी की कमी दूर होती है और लिवर की सूजन कम होने लगती है। |
| 1 महीना | स्किन चमकने लगती है, डोपामाइन लेवल नॉर्मल होता है और घबराहट पूरी तरह खत्म हो जाती है। |
| 3 महीने | एनर्जी डबल हो जाती है। दिल की धड़कन, ब्लड प्रेशर और वजन एकदम कंट्रोल में आ जाता है। |
| 1 साल | लिवर का डैमेज काफी हद तक रिकवर हो जाता है और फैट पूरी तरह पिघल जाता है। |
दिमाग का सबसे बड़ा धोखा: "बस आज एक पेग"
जब सब कुछ इतना अच्छा चलने लगता है, तब आता है रिकवरी का सबसे खतरनाक मोड़। आपका दिमाग आपके साथ बहुत स्मार्ट गेम खेलता है।
वो अंदर से कहेगा, "देखा, तुमने एक महीना कंट्रोल कर लिया। अब तुम पूरी तरह ठीक हो, बस आज दोस्तों के साथ एक पेग पी लेते हैं।"
ये एक बहुत बड़ा ट्रैप (Trap) है मेरे दोस्त। अगर आपने उस एक पेग को हाथ लगाया, तो आप वापस उसी अंधेरे नर्क में पहुंच जाएंगे जहां से आपने शुरुआत की थी।
शराब की लत में "लिमिट" या "कंट्रोल" नाम की कोई चीज नहीं होती। या तो आप पीते हैं, या आप बिल्कुल नहीं पीते। बीच का कोई रास्ता नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. शराब छोड़ने के पहले 3 दिन इतने भयानक और डरावने क्यों होते हैं?
आपका शरीर सालों से उस केमिकल के सहारे चल रहा था। जब आप उसे अचानक बंद करते हैं, तो दिमाग और नसों में एक तरह का शॉक (Shock) लगता है।
शरीर उस जहर को पसीने और उल्टी के रास्ते बाहर फेंकता है। ये जो दर्द और कांपते हुए हाथ हैं, ये असल में आपके शरीर की अंदरूनी सफाई का हिस्सा हैं। ये दर्द बता रहा है कि आप अंदर से ठीक हो रहे हैं।
2. क्या शराब को एकदम से (Cold Turkey) छोड़ना सुरक्षित है?
अगर आप सालों से बहुत ज्यादा पी रहे हैं, तो एकदम से छोड़ना थोड़ा रिस्की हो सकता है। इससे दौरे (Seizures) पड़ने का खतरा रहता है।
अगर आपको बहुत तेज झटके लग रहे हैं या मतिभ्रम (Hallucinations) हो रहा है, तो डॉक्टर की देखरेख में छोड़ना सबसे सही रहता है। अपनी जान जोखिम में डालकर कोई हीरोपंती न दिखाएं।
3. विड्रॉल के समय होने वाली सीने की घबराहट और धड़कन को कैसे शांत करें?
इस दौरान आपका शरीर पूरी तरह डिहाइड्रेट हो चुका होता है। आपको पानी की सख्त जरूरत होती है।
नारियल पानी, नींबू पानी या इलेक्ट्रोलाइट्स वाला पानी घूंट-घूंट करके पिएं। गहरी और लंबी सांस लें। अपने दिमाग को समझाएं कि ये घबराहट असली नहीं है, ये सिर्फ नशा बाहर निकलने का असर है।
4. क्या सालों से डैमेज हुआ लिवर शराब छोड़ने के बाद सच में ठीक हो सकता है?
ये ऊपर वाले का दिया हुआ सबसे बड़ा चमत्कार है। हमारा लिवर शरीर का इकलौता ऐसा अंग है जो खुद को दोबारा बना सकता है (Regenerate)।
अगर आप पूरी तरह शराब छोड़ देते हैं और अच्छी डाइट लेते हैं, तो 6 महीने से 1 साल के अंदर आपका फैटी और डैमेज लिवर काफी हद तक एक नॉर्मल लिवर में बदल सकता है। बस उसे अपना काम करने का समय दें।
5. शराब छोड़ने के बाद अचानक बहुत ज्यादा मीठा खाने का मन क्यों करता है?
शराब के अंदर बहुत ज्यादा शुगर और खाली कैलोरी होती है। आपका शरीर इस मीठे का आदी हो चुका होता है।
जब शराब बंद होती है, तो ब्लड शुगर लेवल तेजी से गिरता है। दिमाग उस खालीपन को भरने के लिए आपसे मीठा मांगता है। शुरुआत में चॉकलेट या मिठाई खा लेना ठीक है, ये फिर भी शराब से हजार गुना बेहतर है।
6. अगर शराब छोड़ने के लक्षण बहुत ज्यादा बिगड़ जाएं तो तुरंत क्या करें?
अगर दर्द और बेचैनी बर्दाश्त के बाहर हो जाए, तो बिल्कुल भी संकोच न करें। इसमें कोई शर्म की बात नहीं है।
तुरंत किसी अच्छे डॉक्टर के पास जाएं या नशा मुक्ति केंद्र (Rehab) से संपर्क करें। वो आपको कुछ ऐसी दवाइयां देंगे जो इस दर्द को कम कर देंगी और आपका दिमाग शांत रहेगा। आपकी जान से बढ़कर कुछ भी नहीं है।
एक नई और आज़ाद जिंदगी आपका इंतजार कर रही है
वो पहला हफ्ता आपकी जिंदगी का सबसे भयानक सपना हो सकता है। आपको लगेगा कि ये कभी खत्म नहीं होगा।
लेकिन यकीन मानिए, जो सवेरा इस अंधेरी रात के बाद आएगा, वो बहुत खूबसूरत होगा। आपके चेहरे पर एक अलग ही सुकून होगा।
आपकी जेब में पैसा बचेगा, घर में लड़ाइयां बंद होंगी और आपके बच्चे आपको एक हीरो की नजर से देखेंगे। शराब की गुलामी से बाहर निकलना कोई छोटी बात नहीं है। ये एक जंग है और आपको ये जंग जीतनी ही है। आज से ही अपनी इस नई और बेहतरीन जिंदगी का स्वागत करें।
विवेक भाई की एडवाइस: मेरे भाई, मुझे पता है अभी तुम्हारे शरीर का एक-एक हिस्सा दर्द से टूट रहा होगा। पसीने से टी-शर्ट भीग रही होगी और दिमाग सिर्फ एक घूंट मांग रहा होगा। पर आज तुम्हें उस शैतान को हराना है जो तुम्हारे दिमाग में बैठा है। ये दर्द हमेशा के लिए नहीं है, ये सिर्फ कुछ दिनों का मेहमान है। इस वक्त अपने आप को कमजोर मत पड़ने दो। अगर आज हार मान ली, तो कल फिर से इसी नर्क में जलना पड़ेगा। पानी पियो, गहरी सांस लो और खुद को याद दिलाओ कि तुम इस झूठे नशे से कहीं ज्यादा मजबूत हो। तुम्हारे घरवाले तुम्हारे ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। डटे रहो मेरे दोस्त, असली जीत बस कुछ ही कदम दूर है!
