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क्या बियर पीने से मोटापा बढ़ता है? नुक्कड़ के झूठ और असली सच

Disclaimer: Yeh article personal anubhav aur samajik jagrukta par aadharit hai. Yeh kisi bhi prakar ki medical salah, treatment ya diagnosis nahi hai. Agar aapko ya kisi ko madad chahiye, toh kripya qualified professional se sampark karein.
क्या बियर पीने से मोटापा बढ़ता है

नुक्कड़ की वो शाम और दोस्तों की 'हेल्थ' एडवाइस

शाम का वक्त है। दिन भर की थकान के बाद आप दोस्तों के साथ बैठे हैं। सामने टेबल पर एक ठंडी बियर की बोतल रखी है। पसीने से भीगी हुई वो बोतल उस वक्त दुनिया का सबसे बड़ा सुकून लगती है।

तभी कोई एक दोस्त ज्ञान देता है, "भाई बियर तो जौ का पानी है। इससे किडनी एकदम साफ हो जाती है।" वहीं दूसरा टोकता है, "अरे ज्यादा मत पी, पेट बाहर आ जाएगा तेरा।"

आप बीच में फंसे रह जाते हैं। एक तरफ मन है जो रुकना नहीं चाहता। दूसरी तरफ वो डर है कि कहीं सच में बॉडी खराब न हो जाए। नुक्कड़ की इन बातों में कितनी सच्चाई है और कितना झूठ, आज इसी पर सीधी बात करेंगे।

कोई किताबी ज्ञान नहीं। कोई डॉक्टर वाली भारी भाषा नहीं। बस वो सच जो आपके शरीर के अंदर हर घूंट के साथ घट रहा है।

बियर बेली (Beer Belly) का कड़वा सच: शीशे में आपकी बदलती तस्वीर

याद करिए वो दिन जब आप अपनी फेवरेट टी-शर्ट पहनते थे और वो एकदम फिट आती थी। अब उसी टी-शर्ट को पहनने पर पेट का हिस्सा टाइट लगने लगा है।

बटन बंद करते वक्त सांस अंदर खींचनी पड़ती है। आप खुद को शीशे में देखते हैं और सोचते हैं कि मैं तो इतना खाना भी नहीं खाता, फिर ये पेट क्यों निकल रहा है?

ये कोई रातों-रात हुआ चमत्कार नहीं है। ये उन 'बस एक चिल बियर' का नतीजा है जो आप पिछले कुछ महीनों या सालों से पीते आ रहे हैं। आपका शरीर आपको साफ-साफ सिग्नल दे रहा है कि अंदर कुछ गलत जा रहा है।

बियर सीधा आपके मिड-सेक्शन यानी पेट के आस-पास वाले हिस्से पर वार करती है। इसे ही बोलचाल की भाषा में 'बियर बेली' कहते हैं। और ये सिर्फ देखने में खराब नहीं लगता, ये अंदर से आपको खोखला कर रहा है।

एम्प्टी कैलोरीज का साइलेंट किलर: तरल रूप में पिघली हुई रोटियां

जब आप एक रोटी खाते हैं, तो शरीर को उससे ताकत मिलती है। फाइबर मिलता है। लेकिन जब आप एक पाइंट बियर पीते हैं, तो शरीर में जो कैलोरीज जाती हैं वो पूरी तरह 'खाली' होती हैं।

मतलब उनमें कोई विटामिन या ताकत नहीं होती। एक नॉर्मल बियर की बोतल में लगभग 150 से 200 कैलोरीज होती हैं। अब ईमानदारी से बताइए, क्या आप कभी सिर्फ एक बोतल पर रुक पाते हैं?

दोस्तों की महफ़िल में 3-4 बोतलें कब खाली हो जाती हैं, पता ही नहीं चलता। इसका सीधा मतलब है कि आपने बैठे-बैठे 800 से 1000 एक्स्ट्रा कैलोरीज पेट में डाल लीं।

ये ऐसा ही है जैसे आपने रात के खाने के बाद 10 रोटियां और ठूंस ली हों। शरीर इतनी फालतू एनर्जी का क्या करेगा? वो इसे सीधा फैट (Fat) में बदल देता है। और सबसे पहले ये फैट आपके पेट और कमर के आस-पास जमा होना शुरू होता है।

आप खुद को धोखा दे रहे हैं कि आप लिक्विड डाइट पर हैं। असल में आप पिघला हुआ मोटापा पी रहे हैं।

चखना और नमक का वो जानलेवा ट्रैप

बियर कभी अकेली नहीं पी जाती। ये एक बहुत बड़ा कड़वा सच है। जहां बियर होती है, वहां प्लेट में कुछ न कुछ नमकीन या तला हुआ जरूर होता है।

पीनट्स, रोस्टेड काजू, चिली चिकन, या फ्रेंच फ्राइज। ये सारी चीजें नमक और तेल से लबालब भरी होती हैं। नमक आपके गले को सुखाता है। आपको और प्यास लगती है।

उस प्यास को बुझाने के लिए आप पानी नहीं पीते। आप बियर का एक और बड़ा घूंट मार लेते हैं। ये एक ऐसा खतरनाक लूप (Loop) बन जाता है जिसमें आप फंसते चले जाते हैं।

नमकीन चखना आपको और बियर पीने पर मजबूर करता है। और बियर आपके दिमाग को सुन्न कर देती है जिससे आपको पता ही नहीं चलता कि आपने कितना जंक फूड खा लिया है।

ये सिर्फ बियर का मोटापा नहीं है। ये उस पूरे माहौल का मोटापा है जो आपके लिवर और आपके दिल पर एक भारी बोझ बन रहा है।

लिवर का रोना और फैट बर्निंग का रुक जाना

शरीर की मशीनरी बहुत स्मार्ट है। इसका पहला काम है आपको जिंदा रखना। जब आप बियर पीते हैं, तो शरीर इसे एक जहर (Toxin) की तरह देखता है।

आपका लिवर बाकी सारे काम छोड़कर सबसे पहले इस अल्कोहल को शरीर से बाहर निकालने में लग जाता है।

अब जो खाना आपने खाया था, उसे पचाने वाला कोई नहीं है। लिवर तो बियर साफ करने में बिजी है। तो वो सारा खाया हुआ खाना और चखना सीधा फैट बनकर आपके शरीर में जमा हो जाता है।

जब तक आपके शरीर में अल्कोहल रहता है, आपका फैट बर्निंग प्रोसेस पूरी तरह से ठप पड़ जाता है। आपकी मेटाबॉलिज्म की स्पीड जीरो हो जाती है।

आप अगले दिन जिम जाकर पसीना बहाते हैं। आपको लगता है कि आपने कल रात का पाप धो दिया। पर सच्चाई ये है कि आपका लिवर अंदर ही अंदर रो रहा होता है।

हॉर्मोन्स का बिगड़ता खेल: जो कोई नहीं बताता

बियर बनाने में 'हॉप्स' (Hops) नाम की एक चीज का इस्तेमाल होता है। इसी से बियर में वो कड़वा टेस्ट आता है जो आपको बहुत पसंद है।

लेकिन क्या नुक्कड़ वाले दोस्तों ने कभी बताया कि हॉप्स के अंदर क्या होता है? इसमें फाइटोएस्ट्रोजेन (Phytoestrogen) बहुत ज्यादा मात्रा में पाया जाता है।

ये एक ऐसा केमिकल है जो औरतों के हॉर्मोन (Estrogen) की तरह काम करता है। जब आप लगातार बियर पीते हैं, तो आपके शरीर में मर्दों वाला हॉर्मोन यानी टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) तेजी से गिरने लगता है।

यही वजह है कि लगातार बियर पीने वाले आदमियों के सीने पर फैट जमा होने लगता है, जिसे 'मैन बूब्स' (Man boobs) कहते हैं। आपका शरीर अंदर ही अंदर अपनी ताकत खो रहा है। आपकी मर्दानगी और एनर्जी लेवल दोनों ग्राफ में नीचे जा रहे हैं।

डोपामाइन का फरेब: एक घूंट और पीने की तलब

आप खुद से वादा करते हैं कि आज बस एक पाइंट पीकर उठ जाऊंगा। पर ऐसा कभी नहीं होता। पहला घूंट गले से नीचे उतरते ही आपके दिमाग में डोपामाइन का एक तगड़ा ब्लास्ट होता है।

दिमाग को लगता है कि उसे दुनिया की सबसे बड़ी ख़ुशी मिल गई है। पर ये ख़ुशी बहुत झूठी और कुछ पल की होती है। जैसे ही बोतल आधी होती है, डोपामाइन का लेवल गिरने लगता है।

उस गिरते हुए लेवल को वापस उठाने के लिए आपका दिमाग आपसे और बियर मांगता है। ये कोई शौक नहीं है मेरे भाई, ये सीधे-सीधे आपके दिमाग को हैक करने का तरीका है।

आप अपने दोस्तों के मजे के लिए नहीं पी रहे। आपका दिमाग आपको उस केमिकल लूप में फंसा चुका है। इसी लूप में फंसकर इंसान एक से चार और चार से आठ बोतलों तक पहुंच जाता है और मोटापे की भट्टी में गिरता चला जाता है।

बियर और फिटनेस के झूठे नुस्खे (Reality Check)

हमेशा याद रखना, जो इंसान खुद नशे में फंसा है वो कभी आपको सही सलाह नहीं देगा। वो बस अपनी गलती को सही साबित करने के लिए नए-नए बहाने ढूँढता है।

नुक्कड़ का ज्ञान (भ्रम) मेडिकल साइंस (सच)
बियर पीने से किडनी की पथरी निकल जाती है। बियर आपको बुरी तरह डिहाइड्रेट करती है। पानी की कमी से किडनी पर जानलेवा प्रेशर पड़ता है।
मैं लाइट बियर (Light Beer) पीता हूँ, उससे पेट नहीं निकलता। लाइट बियर में भी एम्प्टी कैलोरीज होती हैं। और उसके साथ खाया जाने वाला चखना पूरा नुकसान करता है।
कल पसीना बहाकर जिम में सारी बियर निकाल दूँगा। जब तक लिवर से अल्कोहल पूरी तरह साफ नहीं होता, शरीर का फैट बर्निंग सिस्टम पूरी तरह लॉक रहता है।

20 की उम्र और 30 की उम्र का सबसे बड़ा फर्क

कॉलेज के दिनों में आप रात भर पीते थे। अगले दिन सुबह उठकर क्रिकेट भी खेल आते थे। कोई पेट नहीं निकलता था।

आप सोचते हैं कि आज भी शरीर वैसा ही है। पर सच्चाई बहुत कड़वी है। 25 की उम्र के बाद आपका मेटाबॉलिज्म (Metabolism) यानी खाना पचाने की स्पीड हर साल कम होने लगती है।

जो शरीर पहले 4 बियर की कैलोरी एक दिन में जला देता था, अब उसे 1 बियर पचाने में भी पसीने आ रहे हैं। उम्र बढ़ रही है, मशीन पुरानी हो रही है, लेकिन आपके शौक अभी भी कॉलेज वाले ही हैं।

यही वजह है कि 30 के पार होते ही अचानक से पेट बाहर फेंकने लगता है। चेहरे पर सूजन आ जाती है और थोड़ा सा चलने पर भी सांस फूलने लगती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या सिर्फ वीकेंड पर बियर पीने से भी पेट निकलता है?

हाँ, बिल्कुल निकलता है। वीकेंड पर आप अक्सर अपनी लिमिट भूल जाते हैं। सोमवार से शुक्रवार तक की आपकी अच्छी डाइट, शनिवार की एक रात में 4-5 पाइंट बियर और जंक फूड के साथ पूरी तरह खत्म हो जाती है。

ये अचानक से मिला कैलोरी का बम आपका शरीर संभाल नहीं पाता। और वो सारा फालतू फैट सीधा आपके पेट और कमर पर जाकर चिपक जाता है। वीकेंड की एक भारी पार्टी पूरे हफ्ते की गई मेहनत पर आसानी से पानी फेर सकती है।

2. बियर बेली (पेट की चर्बी) को पूरी तरह कम करने में कितने महीने लगते हैं?

ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर है कि आप कितनी ईमानदारी से बियर छोड़ते हैं। अगर आप पूरी तरह शराब बंद कर दें, साफ खाना खाएं और रोज पसीना बहाएं, तो 3 से 4 महीने में आपको अपनी बॉडी में जादुई असर दिखने लगेगा।

लेकिन अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ जिम जाने से पेट अंदर हो जाएगा और वीकेंड पर बियर चलती रहेगी, तो सालों लग जाएंगे। बियर और फिटनेस कभी एक साथ नहीं चल सकते, आपको दोनों में से किसी एक को चुनना ही पड़ेगा।

3. क्या बियर की जगह रम, वाइन या व्हिस्की पीने से मोटापा नहीं बढ़ता?

ये सबसे बड़ा झूठ है जो पीने वाले लोग खुद को तसल्ली देने के लिए बोलते हैं। किसी भी तरह के अल्कोहल में एम्प्टी कैलोरीज होती हैं।

चाहे वो वाइन हो या महंगी व्हिस्की, आपका लिवर सबसे पहले उसे ही शरीर से बाहर निकालने में लगेगा। जब लिवर नशे को पचा रहा होता है, तब आपके चखने और खाने का सारा फैट सीधा शरीर में जमा होता है। शराब के हर रूप में मोटापा छिपा है, ये एक सीधा गणित है।

4. रोज बियर पीने से शरीर और लीवर कितने दिन में खराब होता है?

हर इंसान के शरीर की सहने की ताकत अलग होती है। पर अगर आप रोज बियर पी रहे हैं, तो फैटी लिवर की शुरुआत कुछ ही महीनों के अंदर हो जाती है। इसका मतलब है कि आपके लिवर पर चर्बी की एक मोटी परत जम चुकी है।

सबसे डरावनी बात ये है कि आपको शुरुआत में कोई दर्द नहीं होगा। बस हमेशा अजीब सी थकान लगेगी और पेट भारी-भारी रहेगा। जब तक लिवर 70-80% तक डैमेज नहीं हो जाता, वो बाहर कोई बड़ा अलार्म या सिग्नल नहीं देता।

5. बियर छोड़ने के तुरंत बाद शरीर में क्या अच्छे बदलाव आते हैं?

बियर छोड़ने के पहले हफ्ते में ही आपकी नींद बहुत गहरी होने लगेगी। सुबह उठने पर चेहरा सूजा हुआ या भारी नहीं लगेगा। पेट की गैस और एसिडिटी की समस्या अचानक से गायब हो जाएगी।

एक महीने के अंदर आपका एनर्जी लेवल डबल हो जाएगा। आपका मेटाबॉलिज्म वापस पहले की तरह तेज काम करने लगेगा और पेट की रुकी हुई चर्बी अपने आप पिघलना शुरू हो जाएगी।

6. अपनी शराब या बियर की लत को छोड़ने का सबसे आसान तरीका क्या है?

सबसे पहले उन दोस्तों से थोड़ी दूरी बनाएं जिनका काम ही सिर्फ शाम को महफ़िल सजाना है। अपनी शाम की उस पुरानी रूटीन को तोड़ें जहाँ आप सीधा बार या ठेके की तरफ जाते थे।

शाम को खाली रहने के बजाय जिम जाएं या किसी स्पोर्ट्स में लग जाएं। घर के फ्रिज में ठंडी बियर रखना आज से ही बंद कर दें। जब सामने ट्रिगर ही नहीं होगा, तो पीने की तलब भी धीरे-धीरे खुद ही कम हो जाएगी।

अब फैसला आपकी अपनी मुट्ठी में है

नुक्कड़ पर खड़े होकर ज्ञान देना बहुत आसान है। क्योंकि जो दोस्त आपको आज बियर पिला रहा है, वो कल आपका अस्पताल का भारी भरकम बिल भरने नहीं आएगा।

आपका शरीर कोई कूड़ेदान नहीं है जिसमें आप रोज खाली कैलोरी और मीठा जहर डालते रहें। शीशे में दिखने वाला वो बाहर लटकता हुआ पेट कोई मजाक की बात नहीं है। ये एक साइलेंट अलार्म है जो चीख-चीख कर आपको रुकने के लिए कह रहा है।

जिंदगी बहुत खूबसूरत है। इसे कांच की बोतलों और झूठे डोपामाइन के चक्कर में बर्बाद मत कीजिए। असली मजा तो तब है जब आप बिना किसी नशे के भी अपनी जिंदगी को पूरी एनर्जी के साथ जी सकें। जब आप सीढ़ियां चढ़ें तो आपकी सांस न फूले। जब आप अपनी पसंदीदा पुरानी टी-शर्ट पहनें तो पेट बाहर न झांके।

आज की यह सच्चाई थोड़ी कड़वी जरूर लग रही होगी। पर एक सच्चा दोस्त वही है जो मीठा बोलकर आपको गड्ढे में न धकेले, बल्कि कड़वा बोलकर आपको हमेशा के लिए बचा ले। अपनी उस फिटनेस के बारे में सोचिये जो आपके अंदर कहीं छुप गई है और उसे बाहर निकालने का वक्त आ गया है।

विवेक भाई की एडवाइस: मेरे भाई, मैं जानता हूँ कि दिन भर की टेंशन और भागदौड़ के बाद वो ठंडी बोतल एक पल के लिए बहुत सुकून देती है। पर वो सुकून उधार का है, जिसकी बहुत भारी कीमत तुम अपनी सेहत, अपने लुक्स और अपनी जवानी देकर चुका रहे हो। उस लटकते हुए पेट को अपनी पहचान मत बनने दो। आज ही शीशे के सामने खड़े हो जाओ और खुद से एक पक्का वादा करो। ये झूठे दोस्तों की महफ़िल और ये नशे का चस्का, दोनों तुम्हें सिर्फ एक गहरे दलदल में खींच रहे हैं। अपनी ताकत को पहचानो, जिम का रास्ता पकड़ो और पसीना बहाओ। अपना वो पुराना, फिट और एनर्जी से भरा अवतार वापस लेकर आओ। मुझे तुम पर पूरा यकीन है, तुम ये कर सकते हो!
Vivek Hardaha - Recovery Writer
Vivek Hardaha
M.Sc (CS), MA Sociology
Alcohol Recovery Experience Since 2018
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